आर्यों के विजयी होने के कारण

आर्य निम्नलिखित कारणों से विजयी रहे—(1) घोड़े चलित रथ (2) काँसे के अच्छे उपकरण एवं (3) कवच (वर्म)। आर्य सम्भवतः विशिष्ट प्रकार के दुर्ग का प्रयोग करते थे। इसे ‘पुर’… Read more

आर्यों का संघर्ष

आर्यों का संघर्ष गैरिक मृदभाण्ड एवं लाल और काले मृदभांड वाले लोगों से हुआ। Read more

ऋग्वैदिक काल का राजनीतिक विस्तार

डॉ0 जैकोबी के अनुसार आर्यों ने भारत में कई बार आक्रमण किया और उनकी एक से अधिक शाखाएँ भारत में आयीं। सबसे महत्वपूर्ण कबीला भरत था। इसके शासक वर्ग का… Read more

ऋग्वैदिक काल 1500-1000 ई0 पू0

स्रोत -ऋग्वैदिक काल के अध्ययन के लिए दो प्रकार के साक्ष्य उपलब्ध हैं पुरातात्विक साक्ष्य  साहित्यिक साक्ष्य ।  पुरातात्विक साक्ष्य— इसके अर्न्तगत निम्नलिखित साक्ष्य प्राप्त हुए हैं- चित्रित धूसर मृदभाण्ड… Read more

हड़प्पा सभ्यता का सामाजिक जीवन

स्त्री मृणमूर्तियां अधिक मिलने से ऐसा अनुमान लगाया जाता है कि सैन्धव समाज मातृसत्तात्मक था। इस सभ्यता के लोग युद्ध प्रिय कम, शान्तिप्रिय अधिक थे। भोजन के रूप में सैन्धव… Read more

हड़प्पा सभ्यता का धार्मिक जीवन

हड़प्पा सभ्यता के धार्मिक जीवन के बारे में हमें अधिकांश जानकारी पुरातात्विक स्रोतों-जैसे मूर्तियां, मुहरें, मृद्भाण्ड, पत्थर तथा अन्य पदार्थों में निर्मित लिंग तथा चक्र की आकृति, ताम्र फलक, कब्रिस्तान… Read more

हड़प्पा सभ्यता की राजनैतिक स्थिति

हड़प्पा संस्कृति की व्यापकता एवं विकास को देखने से ऐसा लगता है कि यह सभ्यता किसी केन्द्रीय शक्ति से संचालित होती थी। वैसे यह प्रश्न अभी विवाद का विषय बना… Read more

सिंधु घाटी सभ्यता की विशेष इमारतें

सिंधु घाटी प्रदेश में हुई खुदाई कुछ महत्वपूर्ण ध्वंसावशेषों के प्रमाण मिले हैं। हड़प्पा की खुदाई में मिले अवशेषों में महत्वपूर्ण थे—-दुर्ग, रक्षा-प्राचीर, निवासगृह, चबूतरे एवं अन्नागार आदि। नगर के… Read more

कांस्ययुगीन धौलावीरा के अतीत की संक्षिप्त यात्रा

हड़प्पा सभ्यता के पुरास्थलों में एक नवीन कड़ी के रूप में जुड़ने वाला पुरास्थल धौलावीरा कछ के रण के मध्य स्थित द्वीप ‘खडीर’ में स्थित है। इस द्वीप के समीप… Read more

सिंधु घाटी सभ्यता के मुख्य स्थल

हड़प्पा पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित माण्टगोमरी जिले में रावी नदी के बायें तट पर यह पुरास्थल है। हड़प्पा में ध्वंशावशेषों के विषय में सबसे पहली जानकारी 1826 ई0… Read more