पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल राज्य का भौगोलिक वर्णन

  • क्षेत्रफल – 88,752 वर्ग कि.मी.
  • जनसंख्या-9,13,47,736
  • राजधानी कोलकाता
  • जिले – 20
  • मुख्य भाषा – बंगला

शस्यश्यामला बंग भूमि के उत्तर में हिमालय की चाँदी सी चमचमाती चोटियाँ, दक्षिण में दिन-रात प्रक्षालन करता गंगा सागर, पूर्व में बंगलादेश, पश्चिम में झारखण्ड और दक्षिण पश्चिम में उड़ीसा राज्य हैं।बंगाल कृषि प्रधान राज्य है। जनसंख्या का तीन चौथाई भाग गाँवों में बसता है। 60% लोग खेती या खेती के अन्य कामों से निर्वाह करते हैं।

गंगा बंगाल की सर्वप्रमुख नदी है। गंगा बंगाल में आकर दो भागों में विभक्त हो जाती है जिनके नाम पद्मा और भागीरथी हैं। भागीरथी कोलकाता होकर गंगा सागर में गिरती है तो हुगली कहलाती है। हुगली के एक किनारे कोलकाता और दूसरे किनारे हावड़ा नगर बसा है। पद्मा बंगला देश में बहते हुए सागर में मिलती है।

पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध स्थान (Famous Places in West Bengal) 

कोलकाता – लगभग 185 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। यहाँ घुड़दौड़ मैदान, चिड़ियाघर, बिड़ला प्लैनेटोरियम, इण्डिया बोटेनिकल गार्डन, बेलूरमठ आदि दर्शनीय स्थान हैं। बोटेनिकल गार्डन एशिया का सबसे बड़ा वनस्पति उद्यान है। यहाँ के जड़ी-बूटी संग्रहालय में पच्चीस लाख सूखे लता पत्तों के नमूने सुरक्षित रखे हैं। भारत में प्रथम भूमिगत रेल (Metro Rail) इस नगरी में चलाई गयी थी। कोलकाता बहुत बड़ा व्यापारिक केन्द्र है।

पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध नगर इस प्रकार से हैं (The famous cities of West Bengal)

  • सिलीगुडी
  • दार्जिलिंग
  • मुर्शिदाबाद
  • मालदा
  • दुर्गापुर
  • चितरंजन
  • आसनसोल आदि 

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता है। स्वामी विवेकानन्द, रवीन्द्रनाथ ठाकुर की जन्मस्थली, श्रीरामकृष्ण परमहंस, चैतन्य महाप्रभु, सुभाषचन्द्र बोस एवं श्यामा प्रसाद मुखर्जी की कर्मस्थली है।

पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध तीर्थस्थान (Famous pilgrimage centers of West Bengal)

  • कपिल तीर्थ
  • कालीघाट
  • दक्षिणेश्वर
  • बेलूर मठ

कपिल तीर्थ

यहाँ सुन्दर वन के डेल्टा पर बसा सांख्य दर्शन के रचयिता और सांख्य मत के प्रतिष्ठाता कपिल मुनि का आश्रम है जहाँ सगरपुत्रों को गंगा धारा द्वारा मुक्त किया गया था।

कालीघाट

कोलकाता का कालीघाट एक महापीठ है। कहते हैं यहाँ सती के दायें पैर की चार अंगुलियाँ गिरी थीं। यहाँ की देवी का नाम है कालिका।

दक्षिणेश्वर

दक्षिणेश्वर की कालीवाड़ी कोलकाता से बहुत निकट गंगा के किनारे पर स्थित है। यह मंदिर रामकृष्ण परमहंस का साधना-स्थल रहा है, जिनसे प्रेरणा तथा आशीर्वाद लेकर स्वामी विवेकानन्द ने भारतीय धर्म, संस्कृति तथा दर्शन को विश्व में पुनः प्रतिष्ठित किया।

बेलूर मठ

दक्षिणेश्वर काली मंदिर के सामने गंगा के उस पार स्थित है। पत्थर से बने मंदिर का स्थापत्य देखने योग्य है। यहाँ रामकृष्ण परमहंस का स्मारक है। इस मंदिर के साथ भारत के विश्व प्रसिद्ध सपूत स्वामी विवेकानन्द की स्मृति जुड़ी है। इसके निर्माण का सारा व्यय भार स्वामी विवेकानन्द की एक अमेरिकी शिष्या ने वहन किया था।

पश्चिम बंगाल की महान् विभूतियाँ (Great personalities of West Bengal)

  • चैतन्य महाप्रभु
  • श्री रामकृष्ण परमहंस
  • स्वामी विवेकानन्द
  • बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय
  • रवीन्द्रनाथ ठाकुर
  • सुभाष चन्द्र बोस

चैतन्य महाप्रभु

नवद्वीप में जन्म लेकर महाप्रभु चैतन्य देव ने राधा-कृष्ण की भक्ति के माध्यम से प्रेम का प्रसार भारत भर में किया। उनका संदेश आज विश्व भर में फैल चुका है।

श्री रामकृष्ण परमहंस

जब लोग भारतीय और पाश्चात्य ज्ञान और दर्शन के संघर्ष में दिशा भूल रहे थे, धर्म की नींव हिल रही थी, उस संकट की घड़ी में रामकृष्ण अवतरित हुए। इन्होंने विभिन्न उपासना पद्धतियों का अनुसरण कर प्रमाणित किया कि सभी पंथ एक ही सत्य की अनुभूति कराते हैं।

स्वामी विवेकानन्द

इन्होंने विश्व में वेदान्त का शंखनाद किया। शिकागो की विश्वधर्म सभा में इन्होंने अपने भाषण से संसार के विद्वानों को न केवल प्रभावित ही किया वरन् भारतीय दर्शन की विजय पताका विश्वभर में फहरायी। हिन्दू धर्म के प्रति लोगों की श्रद्धा बढ़ी। इन्होंने देश-प्रेम और नव जागरण के मंत्र से देश को दीक्षित किया। इनकी ओजपूर्ण वाणी और उदात्त विचारों से हिन्दू स्वाभिमान का नवजागरण हुआ।

बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय

मातृभाषा की सेवा को अपना कर्तव्य समझकर इन्होंने आनन्दमठ, दुर्गेशनन्दिनी, कपालकुण्डला, देवी चौधरानी-जैसे बहुत से उपन्यास लिखे। इनकी पुस्तकों में अपनी संस्कृति के प्रति गौरव और नीतिप्रियता झलकती है। स्वतन्त्रता-आन्दोलन में जान डालने वाला गीत “वंदेमातरम्’ आनन्दमठ से लिया गया है, जो आज भी हमारा राष्ट्रगीत है।

रवीन्द्रनाथ ठाकुर

रवीन्द्रनाथ बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने गीत, नाटक, कहानी, उपन्यास, निबन्ध और गीतनाट्य लिखे। उन्हें गीताञ्जलि पर संसार का सबसे बड़ा साहित्यिक नोबेल पुरस्कार मिला। वे मूर्धन्य शिक्षाविद् थे और शान्ति निकेतन के संस्थापक थे। वे राष्ट्रगान के रचयिता भी थे

सुभाष चन्द्र बोस

सुभाष चन्द्र बोस – कटक में जन्मे भारत माँ के इस सपूत का देश को स्वतन्त्रता दिलाने में महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है। नेताजी के नाम से प्रसिद्ध सुभाष ने कहा था “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा।” उन्होंने भारत की स्वतन्त्रता के लिए तथा देश की राजधानी पर तिरंगा फहराने के लिए ‘आज़ाद हिन्द फ़ौज’ को “दिल्ली चलो” का नारा दिया।

पश्चिम बंगाल का मुख्य पर्व – दुर्गा पूजा (Main festival of West Bengal – Durga Puja)

बंगाल में कहावत है- “बारो मासे तेरो पार्वण” परन्तु सबसे बड़ी पूजा दुर्गा पूजा है। दुर्गा पूजा शरद् का स्वागत-अभिनन्दन है। विजया दशमी के पर्व पर शक्ति की अधिष्ठात्री दस भुजा वाली देवी की प्रतिमा कलात्मक ढंग से स्थापित की जाती है। नौ दिनों तक चण्डी पाठ चलता है। दसवें दिन प्रतिमाएँ विसर्जित की जाती हैं। काली पूजा, सरस्वती पूजा, विश्वकर्मा पूजा, गंगासागर मेला, आदि बड़े उत्सव मनाये जाते हैं।

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