वीर राजाराम

गोकुला वीर के उपरान्त जाटों का नेतृत्व वीर राजाराम ने संभाला। राजस्थान में जन्मे वीर राजाराम के नेतृत्व में वीर जाटों ने लगातार मुगल सेनाओं पर हमले किए। मार्च 1688 में इन्होंने सिकन्दरा (आगरा के निकट) में अकबर के मकबरे को तहस-नहस कर दिया। गोकुला के बलिदान का बदला लेने के लिए राजाराम ने अकबर की अस्थियों को कब्र से निकालकर उन्हें जलवा दिया। इस घटना से औरंगजेब ने खुद को अपमानित महसूस किया तथा शहजादा बेदारबख्त को भारी सेना लेकर युद्ध के लिए भेज दिया। 14 जुलाई, 1688 को वीर राजाराम मुगल सेनाओं से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।

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