वंचन के मनोवैज्ञानिक परिणाम

The Psychological Consequences of Deception

बालक पर वंचन के पड़ने वाले मनोवैज्ञानिक प्रभावों के अध्ययनों से जो तथ्य सामने आए हैं, उसके आधार पर यही कहा जा सकता है कि वंचन का बुरा प्रभाव बालकों के व्यक्तित्व पर पड़ता है।

ऐसे प्रभावों को मनोवैज्ञानिकों द्वारा निम्नलिखित तीन भागों में बाँटा गया है

संज्ञानात्मक प्रारूप पर प्रभाव (Effect on cognitive format)

संज्ञान एक ऐसा सामान्य पद है जिसके अन्तर्गत बालक के चिन्तन, प्रत्यक्षण, बुद्धि, संवेदन, स्मृति आदि प्रक्रियाओं का अध्ययन किया जाता है। मनोवैज्ञानिकों के अध्ययन से स्पष्ट हो गया है कि अलाभान्वन का बालकों के संज्ञानात्मक पैटर्न पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। एक अध्ययन में पाया कि दलित परिवार के बालकों का बौद्धिक स्तर ब्राह्मण परिवार के बालकों के बौद्धिक स्तर से काफी नीचे था

अभिप्रेरणात्मक प्रारूप पर प्रभाव (Effect on motivational format)

कुछ ऐसे अध्ययन हुए हैं जिनसे यह स्पष्ट रूप से पता चला है कि वंचित बालकों का अभिप्रेरणात्मक प्रारूप लाभान्वित बालकों के अभिप्रेरणात्मक पैटर्न से सर्वथा भिन्न एवं निम्न होता है। वंचित बालकों की आय, पेशों तथा शिक्षा के बारे में निम्न आकांक्षा स्तर होता है जिससे वह बहुत कम शिक्षा पाने तथा कम आय प्राप्त करके ही उतना सन्तुष्ट हो जाते हैं जबकि अवंचित बालकों की . आकांक्षाएँ बहुत ऊँची होती हैं।

शैक्षिक उपलब्धि पर प्रभाव (Impact on academic achievement)

वंचन का प्रभाव बालकों की शैक्षिक उपलब्धि पर भी नकारात्मक पड़ता है। वंचित बालकों की शैक्षिक उपलब्धि तथा शैक्षिक समायोजन लाभान्वित बालकों की तुलना में काफी निम्न था। मनोवैज्ञानिकों ने इसके दो प्रमुख कारण बताए हैं। पहला तो यह कि वंचित बालकों के पास अध्ययन के लिए पर्याप्त साधनों की कमी होती है तथा दूसरा यह कि स्कूल में ऐसे बालकों के प्रति शिक्षकों की मनोवृत्ति उतनी अनुकूल नहीं रहती। परिणामस्वरूप वंचित बालकों की शैक्षिक उपलब्धि काफी प्रभावित हो जाती है।

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