महाकवि सूरदास

महाकवि सूरदास का जन्म स्थान पलवल जिले का गाँव सीही माना जाता है। बाद में इनके पूर्वज मथरा जिले में जाकर बस

गए थे। वह जन्म से नेत्रहीन थे। सूरदास की रचना ‘सूरसागर’ को एक महान् ग्रन्थ माना जाता है। उन्होंने कृष्ण भक्ति के अपने पदों

को लगभग 80 रागों में बाँधा है।

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