लैंगिक भेदभाव को दूर करने में विभिन्न कारकों की भूमिका

Role of various factors in rate of gender discrimination

लैंगिक भेदभाव को दूर करने में परिवार की भूमिका(Family’s role in eliminating gender discrimination)

लैगिक भेदभाव को दूर करने में परिवार की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है 

  • माता-पिता को बेटे-बेटियों में भेदभाव नहीं करना चाहिए।
  • परिवार में लड़कियों को एक बोझ के रूप में नहीं, बल्कि एक सहायक के रूप में देखना चाहिए। लड़कों के समान ही लड़कियों को शिक्षा का समान अवसर प्रदान करना चाहिए।
  • धन सम्पत्ति के बँटवारे में भी महिलाओं के साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए।

लैंगिक भेदभाव को दूर करने में शिक्षक की भूमिका(Role of teacher in removing gender discrimination)

लैंगिक भेदभाव को दूर करने में शिक्षक की भी महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है

  • सामाजिक स्तर पर अध्यापक को छात्रों एवं छात्राओं मे भेदभाव नहीं करना चाहिए। शिक्षण के दौरान एक शिक्षक को कक्षा में किसी भी स्तर का भेदभाव नहीं करना चाहिए।
  • एक कुशल अध्यापक को लड़कों के समान लड़कियों को भी समान रूप से प्रोत्साहित करना चाहिए। विद्यालय स्तर पर आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में लड़कियों को भी शामिल करने हेतु प्रोत्साहित करना चाहिए।

लैंगिक भेदभाव को दूर करने में सरकार की भूमिका(Government’s role in eliminating gender discrimination)

लैंगिक भेदभाव को दूर करने में सरकार की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है

  •  लैंगिक स्तर पर सरकार को ऐसी नीतियाँ बनानी चाहिए जिससे लड़के एवं लड़कियों के बीच भेदभाव उत्पन्न नहीं होने पाए।
  • वर्ष 2001 में क्रियान्वित महिला सशक्तीकरण योजना को सुचारू ढंग से संचालित करना चाहिए, ताकि महिलाएँ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। राजनीति में महिलाओं को विशेष अवसर प्रदान करने हेतु संसद एवं विधान सभाओं में 33 प्रतिशत सीट आरक्षित करनी चाहिए।

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