राव गूजरमल

करनाल के युद्ध में राव बालकिशन की वीरता और बलिदान से प्रसन्न होकर बादशाह मुहम्मदशाह ने उनके छोटे भाई राव गूजरमल को रेवाड़ी के क्षेत्र की एक बहुत बड़ी जागीर ईनाम में दी। राव गूजरमल एक चतुर तथा बहादुर शासक सिद्ध हुए। अपनी वीरता के बल पर उन्होंने हिसार, झज्जर, कानोंड, नारनौल, दादरी तथा भिवानी के क्षेत्र जीतकर रेवाड़ी में मिला लिए। पूरे दक्षिणी हरियाणा में रेवाड़ी राज्य और राव गूजरमल की तूती बोलती थी। 1750 ई. में नीमराणा के ठाकुर टोडरमल ने राव गूजरमल की छलपूर्वक हत्या कर दी।

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