राजा हर्षवर्धन

590 ई. में पुष्पभूति राजा प्रभाकरवर्धन के घर में हर्षवर्धन का जन्म हुआ था। इनकी माता का नाम यशोमती देवी था। बड़े

भाई राज्यवर्धन की मृत्यु के उपरान्त 606 ई. में हर्षवर्धन ने सिंहासन ग्रहण किया। हर्षवर्धन की राजधानी थानेसर थी। महाराज हर्षवर्धन एक विशाल साम्राज्य के स्वामी थे। उनका राज्य उत्तर में हिमालय से लेकर दक्षिण में नर्मदा तक, पूर्व में कामरूप से लेकर पश्चिम में पंजाब तथा अरब सागर तक फैला हुआ था। बंगाल, बिहार, मालवी, बल्लभी, कन्नौज, हरियाणा, पंजाब, सिंध, कश्मीर, नेपाल आदि उसके राज्य के अंग थे। ह्यन्त्सांग ने उसके शासनकाल में भारत की यात्रा की तथा 636 ई. से 644 ई. तक उसके संपर्क में रहा। हर्ष

के दरबारी कवि बाणभट्ट ने ‘कादंबरी’ तथा ‘हर्षचरित’ नामक ग्रन्थों की रचना की।

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