पंडित भगवत दयाल शर्मा

प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और हरियाणा के प्रथम मुख्यमंत्री पं. भगवत दयाल शर्मा जी का जन्म 26 जनवरी, 1918 को वर्तमान झज्जर जिले के बेरी कस्बे में हुआ था। 1941-47 ई. के बीच पण्डित जी ने विभिन्न स्वतंत्रता आन्दोलनों में भाग लिया। आन्दोलनकारी गतिविधियों में भाग लेने के कारण 1941 ई. में पं. भगवतदयाल शर्मा को 1 वर्ष के लिए जेल की सजा हुई तथा 1942 ई. में उन्हें साढ़े तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई। शर्मा जी 1959-61 ई. के बीच इंटक (ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस) के अध्यक्ष भी रहे। वह 1962-66 तक संयुक्त पंजाब प्रांत की विधानसभा के सदस्य रहे तथा प्रताप सिंह कैरों की सरकार में श्रम तथा सहकारिता राज्यमंत्री के रूप में कर्तव्य निर्वहन किया। 1 नवंबर, 1966 को हरियाणा गठन के साथ ही वह हरियाणा के मुख्यमंत्री (प्रथम मुख्यमंत्री) बने तथा 23 मार्च, 1967 तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। पं. भगवत दयाल शर्मा जी चार महीने तथा 22 दिन तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे। सन् 1968 में वह राज्यसभा के सदस्य बन गए। 1977 में पं. भगवत दयाल शर्मा करनाल से जनता पार्टी की ओर से सांसद बने। इसके पश्चात् पं. भगवत दयाल शर्मा मध्य प्रदेश तथा उड़ीसा के राज्यपाल भी रहे। 22 फरवरी, 1993 को उनका देहान्त हो गया। हरियाणा सरकार द्वारा बेरी में उनका स्मारक भी बनाया गया है।

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