पद्मश्री बहन सुभाषिनी

बहन सुभाषिनी देवी भैंसवाल कलां गुरुकुल तथा आर्य कन्या गुरुकुल, खानपुर कलां के संस्थापक भक्त फूल सिंह जी की पुत्री थी। 14 अगस्त, 1942 को भक्त फूल सिंह जी की हत्या के उपरान्त बहन सुभाषिनी देवी ने सरकारी नौकरी छोड़कर अपने पति के साथ खुद को आचार्य के रूप में इस गुरुकुल को समर्पित कर दिया। उनके मार्गदर्शन में इस गुरुकुल में अनेकों पाठ्यक्रम तथा शैक्षणिक संस्थान स्थापित हुए। किसी समय यह शिक्षण संस्थान महिला शिक्षा के क्षेत्र में पूरे प्रदेश में महत्त्वपूर्ण स्थान रखते थे। महिला शिक्षा के क्षेत्र में बहन जी के योगदान को देखते हुए 3 अप्रैल, 1976 को तत्कालीन राष्ट्रपति श्री फखरुद्दीन अली अहमद द्वारा बहन सुभाषिनी देवी को ‘पद्मश्री सम्मान’ से सम्मानित किया गया। वर्ष 2003 में बहन जी ने देह त्याग कर दिया।

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