नूह शहर

Nuh City

‘मेवात’ अर्थात् वीर मेवों की धरती। इस संस्कृति और विशिष्ट सभ्यता को एक विशेष पहचान देने के उद्देश्य से हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने 2 अक्टूबर, 2004 को गाँधी जयंती के सुअवसर पर गुड़गाँव और फरीदाबाद जिलों के मेव बाहुल्य क्षेत्र को मिलाकर एक नये जिले के गठन की घोषणा की। प्रदेश के 20वें जिले के रूप में प्रस्तावित इस जिले का नाम उस समय ‘सत्यमेवपुरम्’ रखा गया। परन्तु, चुनाव आचार संहिता लागू हो जाने के कारण इस निर्णय पर केन्द्रीय चुनाव आयोग द्वारा रोक लगा दी गई थी।

nuh district map

नूंह जिले की स्थापना तथा नामकरण (Establishment and nomenclature of Nuh district)

हरियाणा के फिरोजपुर-झिरका, नूंह, पलवल, फरीदाबाद का कुछ क्षेत्र राजस्थान का रामगढ़, किशनगढ़, तिजारा, डीग तथा उत्तर प्रदेश के मथुरा और आगरा के जिलों के यमना तट के क्षेत्रों को मेवों का क्षेत्र माना जाता है। 1947 में देश के दुर्भाग्यपूर्ण विभाजन के समय मेव जब पाकिस्तान पलायन कर रहे थे तो महात्मा गाँधी ने 15 दिसंबर, 1947 को सोहना तथा राजस्थान के घासेड़ा गाँव में मेवों की सभा में जाकर उन्हें भारत में ही बसे रहने को कहा था। गाँधी जी के आग्रह से

 

 

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