बच्चों में सोचने की योग्यता को बढ़ाने हेतु आवश्यक कदम

Necessary steps to increase thinking ability in children

क्रो एवं क्रो के अनुसार, “बालकों में सोचने की योग्यता सफल जीवन के लिए आवश्यक है।”

अत: अभिभावकों और शिक्षकों को चाहिए कि बालकों में इस योग्यता के विकास पर ध्यान दिया जाए।

बालकों में सोचने की योग्यता के विकास में निम्नलिखित उपाय सहायक हैं जो निम्न प्रकार हैं

  •  बालकों को सोचने के लिए प्रोत्साहित और प्रेरित करना चाहिए। बालकों के भाषा ज्ञान को उच्च करने के उपाय करने चाहिए, जिससे वह समय-समय पर अपने विचारों की अभिव्यक्ति कर सकें।
  • बालकों की रुचियों के विकास पर ध्यान देना चाहिए। रुचियों के अभाव में सोचने की योग्यता कठिनाई से विकसित हो पाती है।
  • बालकों को उनकी आयु के अनुसार समय-समय पर ऐसे कार्य सौंपे जाने चाहिए, जिससे उनमें उत्तरदायित्व की भावना का विकास हो सके और उत्तरदायित्व के निर्वहन हेतु सोचने के लिए प्रेरित हो सकें।
  • बालकों को उनकी आयु के अनुसार समस्या समाधान करना भी माता-पिता और शिक्षकों को सिखाना चाहिए, क्योंकि समस्या-समाधान के द्वारा भी सोचने की योग्यता विकसित होती है।
  • शिक्षकों और माता-पिता को बालकों को नवीन बातों की समय-समय पर अर्थात् उनकी आयु के अनुसार जानकारी देनी चाहिए, जिससे उनमें सोचने का विकास सुचारु रूप से चल सके
  • तर्क और वाद-विवाद की भी सोचने की योग्यता के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका है, इनको भी सिखाने के अवसर देने चाहिए।
  • बालकों को ऐसा उद्दीपकपूर्ण वातावरण समय-समय पर उपलब्ध कराना चाहिए, जिससे वे सोचने के महत्त्व को समझें और अपनी योग्यता को बढ़ाने के लिए प्रदत्त वातावरण का लाभ उठा सकें।

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