Muhavare in Hindi

शिक्षा जीवन का एक ऐसा मूल मंत्र है जिसके द्वारा हम कोई भी बड़े से बड़ा कार्य बहुत आसानी से कर सकते हैं और अपने जीवन के लक्ष्य को आसानी से पा सकते हैं । Hindi Muhavare के द्वारा हम अपनी बात तर्क के माध्यम से रख सकते हैं| प्रेरणा लेने के लिए हमें तत्पर तैयार रहना चाहिए और एक दूसरे से जीवन भर सीखते रहना चाहिए ताकि आने वाले समय में हम दूसरे लोगों के लिए आदर्श व्यक्ति बन सके ।

Muhavare in Hindi with meaning न केवल परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हैं बल्कि मुहावरे के माध्यम से हम वाद विवाद, तर्क, प्रशंसा, आलोचना, सीखने और सिखाने का काम अच्छे तरीके से कर सकते हैं । मुहावरों का सार्थक अर्थ होता है, जिन्हें हम अपने रोजमर्रा के जीवन में उपयोग करते रहते हैं । यह सब हमें स्कूल शिक्षा के दौरान ही सिखा दिए जाते हैं ।

विद्यार्थी अपने निरंतर प्रयास और अध्ययन के माध्यम से कोई भी बड़े से बड़ा एग्जाम क्लियर कर सकता है जिसके लिए उसे अपने शिक्षक के मार्गदर्शक की सबसे बड़ी आवश्यकता होती है । शिक्षक के मार्गदर्शन से विद्यार्थी अपने सभी कार्य इस ढंग से पूर्ण कर सकता है कि उसे सफलता का रास्ता अपने आप ही दिखाई पड़ जाता है ।

    1. अंधे की लाठी (एक मात्र सहारा) : रामू अपनी विधवा माँ की अंधे की लाठी है।
    2. अक्ल चरने जाना (बुद्धि न होना) : उसके सोचने व करने में कहीं कोई समानता नहीं। लगता है उसकी अक्ल घास चरने गई है।
    3. अक्ल पर पत्थर पड़ना (मूर्खता का काम करना) : मैंने तुम्हें क्या लाने को कहा और तुम क्या ले आये हो? कहीं तुम्हारी अक्ल पर पत्थर तो नहीं पड़ गये।
    4. अगर मगर करना (टाल-मटोल करना) : जब भी मैं तुमसे कोई काम करने को कहता हूँ तो तुम अगर-मगर करने लगते हो।
    5. अच्छे दिन आना (भाग्य खुलना): अब तो रामू के भी अच्छे दिन आ गये हैं, उसकी लाटरी जो खुल गई है।
    6. अन्न जल उठना (जीवन समाप्त होना): एक न एक दिन संसार में सभी का अन्न-जल उठ जाएगा।
    7. अपना राग अलापना (अपनी बात पर अड़े रहना) : रमेश बड़ा जिद्दी है हमेशा अपना राग अलापता है।
    8. अपना-सा मुँह लेकर रह जाना (लज्जित होकर चुप रहना) : मैंने उसके सामने ही भेद खोल दिया, बेचारा अपना सा मुँह लेकर रह गया।
    9. अक्ल का पुतला (बुद्धिमान) : आजकल के विद्यार्थी अपने-आपको अक्ल का पुतला समझते हैं।
    10. अपने पाँव पर कुल्हाड़ी मारना (अपना काम स्वयं बिगाड़ लेना) : जमींदार से लड़ाई मोल लेकर उसने अपने पांव पर कुल्हाड़ी मार ली।
  1. Muhavare in Hindi for Class 6

    1. अपने मुँह मियाँ मिटू बनना (अपनी प्रशंसा आप करना) : अपने मुँह मियाँ मिटू बनने से क्या लाभ है? बात तो तब है, जब दूसरे लोग तुम्हारी प्रशंसा करें।
    2. अपने पैरों पर खड़ा होना (आत्मनिर्भर होना) : जो मनुष्य मर्यादापूर्वक जीवन व्यतीत करना चाहता है, उसके लिए अपने पैरों पर खड़े होने की आवश्यकता है।
    3. अरमान निकालना (इच्छा पूरी करना) : कश्मीर भ्रमण का आज अतिम दिन है, अपने अरमान निकाल लो, कल ये दृश्य नसीब नहीं होंगे।
    4. अरमान रहना (इच्छा का पूरा न होना) : कक्षा में प्रथम आने का मेरा अरमान धरा ही रह गया।
    5. अपनी खिचड़ी अलग पकाना (सबसे अलग रहना) : श्याम किसी से बात नहीं करता, अपनी खिचड़ी अलग पकाता है।
    6. आँखें खुलना (होश आना) : इस बार वार्षिक परीक्षा में अनुत्तीर्ण हो जाने के बाद मेरी आँखें खुल गईं।
    7. कलेजा थामना (दुःख सहने के लिए जी कड़ा करना) : मेरी बात सुनने के लिए जरा कलेजा थाम लो।
    8. कान पर जूं न रेंगना (तनिक भी असर न पड़ना) : उस नौकर को बहुत समझाया, पर उसके कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
    9. कलेजा मुँह को आना (मन विकल होना) : उसकी दर्द भरी कहानी सुनकर कलेजा मुँह को आ गया।
    10. कसौटी पर कसना (परीक्षा करना) : कसौटी पर कसने के बाद ही मित्र की परख की जा सकती है।
  2. Hindi Muhavare Meaning for Class 7

    1. कफन सिर से बाँधना (मरने के लिए तैयार रहना) : सैनिक अपने देश की रक्षा के लिए सदैव अपने सिर पर कफन बाँधे रहते हैं।
    2. कान खड़े करना (सचेत करना या होना) : सिंह की गर्जना ने जंगल में गुजर रहे यात्रियों के कान खड़े कर दिये।
    3. कलई खुलना (असलियत प्रकट हो जाना) : नेता चाहे झूठ बोलकर कितना ही धोखा क्यों न दें? उनकी कलई खुलते देर नहीं लगती।
    4. कान भरना (चुगली खाना) : उमेश की बातों का विश्वास न करना। वह कान भरने में एक नंबर है।
    5. कहीं का न रखना (किसी काम का न छोड़ना) : बिना वजह राजेश की बदनामी कर उसके दोस्त ने उसे कहीं का न रखा।
    6. काँटों पर लोटना (बेचैन होना, तड़पना) : चिंता के कारण वह काँटों पर लोट रहा है।
    7. कागज की नाव (अस्थायी या क्षणभंगुर वस्तु) : संता ने कहा कि हमारा शरीर कागज की नाव है। अतएव इस पर अहंकार नहीं करना चाहिए।
    8. कागज के घोड़े दौड़ाना (केवल कागजी कार्यवाही करना) : आजकल सरकारी दफ्तरों में वास्तविक काम तो बहुत कम होता है; कागजी घोड़े बहुत दौड़ाये जाते हैं।
    9. काटने दौड़ना (बहुत क्रोध प्रकट करना) : अब उसका स्वभाव इतना बिगड़ गया है कि बात-बात पर काटने को दौड़ता है।
    10. कान उमेठना (दण्ड या चेतावनी देने के लिए कान मरोड़ना) : लड़के ने गृहकार्य नहीं किया था, इसलिए शिक्षक ने उसके कान उमेठ दिए थे।
  3. Muhavare in Hindi for Class 8 with meaning

    1. किनारे बैठना (अलग रहना) : हम अपना काम कर लेंगे, तुम किनारे बैठो।
    2. किनारे लगाना (काम पूरा करना) : जब इस काम को हाथ में लिया है, तब किनारे लगाओ।
    3. किसी के घर में आग लगाकर अपना हाथ सेंकना (स्वार्थ सिद्धि हेतु दूसरों को भारी हानि पहुँचाना) : मैं उमा देवी को खूब जानती हूँ, वे उन लोगों में से हैं जो दूसरों के घर में आग लगाकर अपना हाथ सेंकते हैं।
    4. खाक में मिलना (नष्ट करना) : घर से भाग कर शीला ने अपने पिता की इज्जत को खाक में मिला दिया।
    5. खाल उधेड़ना (कड़ा दण्ड देना) : मेरे पिता जी ने कहा है कि यदि मैंने दुबारा उनके कुर्ते की जेब से पैसे चुराए तो वे मेरी खाल उधेड़कर रख देंगे।
    6. खिचड़ी पकाना (षड्यंत्र करना) : कई दिनों से लोग मेरे विरुद्ध खिचड़ी पका रहे थे।
    7. खूट से बाँधना (अच्छी तरह याद रखना) : यह बात खूट से बांध लो कि पड़ोसी कभी तुम्हारे सगे नहीं बन सकते।
    8. खून पसीना एक करना (कठिन परिश्रम करना) : रामू खून-पसीना एक करके अपने पुत्र को अच्छे स्कूल में पढ़ा रहा है।
    9. खुदा-खुदा करके (बड़ी मुश्किल से) : खुदा-खुदा करके उसने दसवीं कक्षा उत्तीर्ण की।
    10. खून का घूंट पीना (भारी गुस्से को सह लेना) : अपनी नई गाड़ी की दुर्गति होते देख मैं खून का घूंट पीकर रह गया।
  4. Hindi Muhavare for Class 9

    1. खून के आँसू रोना (अतिशय व्यथित होना) : भूकंप के बाद की दशा देखकर मैं खून के आंसू रोया।
    2. गंगाजली उठाना (कसम खाना) : चाहे तुम गंगाजली उठा लो, पर वह तुम्हारा विश्वास न करेगा।
    3. गंगा नहाना (बड़ा कार्य पूर्ण करना) : पुत्री का विवाह सम्पन्न होने के बाद माता-पिता को लगा कि वे गंगा नहा लिये।
    4. गड्ढा खोदना (बहुत हानि पहुँचाना, बुराई करना) : जमींदार के मुँह लगना अपने लिए गड्ढा खोदना है।
    5. गड़े मुर्दे उखाड़ना (पुरानी बातों की चर्चा करना) : अब गड़े मुर्दे उखाड़ने से क्या फायदा? जो होना था सो हो गया।
    6. गत बनाना (पीटना) : उसे जरा आ लेने दो, ऐसी गत बनाऊँगी कि जीवन भर याद रखेगा।
    7. गाल बजाना (बकवास करना) : गाल बजाते फिरते हो कोई ठोस कार्य क्यों नहीं करते।
    8. गागर में सागर भरना (थोड़े शब्दों में बहुत भाव भर देना) : इस कविता में तो मानो कवि ने गागर में सागर भर दिया।
    9. गाढ़ी कमाई (बहुत परिश्रम से कमाया हुआ धन) : तुम्हें चाहिए कि तुम अपनी गाढ़ी कमाई अपने बाल बच्चों को खिलाओ और बचे तो उपकार में लगाओ।
    10. गीत गाना (प्रशंसा करना) : गरीब तो जिससे चार पैसे पाते हैं, उसी के गीत गाते हैं।
    11. गुड़ गोबर होना (बना बनाया काम बिगड़ जाना) : हम सभी तैयार होकर सैर पर जा ही रहे थे कि चाचा जी ने आकर सारा प्रोग्राम गुड़ गोबर कर दिया।
    12. घुल-घुल कर मरना (रोग या शोक से छीजकर, कष्ट भोगकर मरना) : अपने पुत्र के वियोग में वह घुल-घुल कर मर गई।
    13. घोड़े बेचकर सोना (खूब निश्चिंत होकर सोना) : परीक्षा के दिन करीब आ रहे हैं, इस तरह घोड़े बेचकर सोने से काम नहीं चलेगा।
    14. चकमा देना (धोखा देना) : चकमे किसी और को देना, मैं आपकी नस-नस पहचानता हूँ।
    15. चक्कर में डालना (चकित करना) : जादूगर ने अपने खेलों से हमें चक्कर में डाल दिया|
    16. चक्की पीसना (कड़ा परिश्रम करना) : वह सुबह से लेकर शाम तक चक्की पीसती रही।
    17. चटनी बना देना (खूब मारना) : यदि तुम्हारे अपराध का पिता जी को पता लग गया तो वे तुम्हारी चटनी बना देंगे।
    18. चार चाँद लगाना (अत्यधिक शोभा बढ़ाना) : ताजमहल इस देश की सुन्दरता को चार चाँद लगाता है।
    19. चल बसना (मर जाना) : रामू के दादा जी दो दिन पहले चल बसे।
    20. चैन की बंसी बजाना (आनन्द से जीवन बिताना) : रिटायर होने के बाद अब वह चैन की बंसी बजा रहा है।
  5. Muhavare in Hindi for Class 10

    1. चार दिन की चाँदनी (अस्थायी सुख) : जवानी की बहार चार दिन की चाँदनी है, इसे रोते कल्पते बिताना भारी मूर्खता है।
    2. चाँद पर थूकना (किसी सज्जन पर कलंक लगाकर स्वयं लांछित होना) : जो महात्मा गाँधी पर कलंक लगाते हैं वे स्वयं लांछित होते है।
    3. चाँदी का जूता (घूस) : आजकल चाँदी का जूता सब काम करा देता है।
    4. चेहरा उतरना (निराशा का अनुभव करना) : अपनी असफलता की खबर सुनकर उसका चेहरा उतर गया।
    5. चोली दामन का साथ (अत्यन्त घनिष्ठता होना) : मोहन और सोहन तो इतने गहरे मित्र हैं कि उनका तो चोली दामन का साथ है।
    6. चूल्हा न जलना (हालत खराब होना) : उनके घर में तो अब दोनों वक्त चूल्हा भी नहीं जलता।
    7. चुल्लू भर पानी में डूब मरना (लज्जा से मुँह न दिखाना) : इतने अच्छे परिवार के बच्चे होकर भी तुमने चोरी की। तुम्हें तो चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए।
    8. छक्के छुड़ाना (हौसला पस्त कर देना, परेशान कर देना) : झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिए थे।
    9. छाती पर साँप लोटना (घोर ईर्ष्या होना, हाड से हृदय जल उठना) : पड़ोसियों के यहाँ बड़ा टी.वी. आया देख रमा की छाती पर साँप लोटने लगे।
    10. छाती से लगाना (आलिंगन करना, गले लगाना) : माँ ने रोते हुए बच्चे को गोद में उठाकर छाती से लगा लिया।
    11. छाती पर मूंग दलना (किसी के सामने उसका दिल दुःखाने वाली बात कर उसे कष्ट पहुँचाना) : सास पडोसियों के सामने अपनी बहू की बुराईयाँ कर उसकी छाती पर मूंग दलती रहती है।
    12. छठी का दूध याद आना (भारी संकट पड़ना) : अब तक पिता की कमाई पर ऐश करते रहे, जब खुद कमाना पड़ेगा तो छठी का दूध याद आएगा।
    13. जबान पर चढ़ना (याद होना) : गाँव में सभी की जुबान पर रायबहादुर का नाम चढ़ा हुआ है।
    14. जबान काट लेना (कठोर दण्ड देना) : यदि फिर भी इस तरह का कोई गलत बात की तो जबान काट लूँगी।
    15. जबान बन्द होना (चुप रहने के लिए विवश होना) : पिताजी का क्रोध देखकर मेरी जबान बन्द हो गई।
    16. जबान में लगाम न होना (सोच-समझकर न बोलना) : तुम्हारा जबान में लगाम नहीं है, जो मन में होता है, बक देते हो।
    17. जबान बदलना (कही हुई बात को बदल जाना) : क्षत्रिय लाग अपनी जुबान नहीं बदलते।
    18. डोर ढीली छोड़ना (देखरेख कम करना) : जहाँ बच्चों की डोर ढीला हुई, वहीं अपनी मनमानी करने लगते हैं।
    19. ढर्रे पर आना (रास्ते पर आना, सुधरना) : राजू की बदमाशी अब कम होती नजर आ रही है, लगता है वह ढर्रे पर आ रहा है।
    20. ढेर करना (मारकर गिरा देना) : भारत की नौ सेना ने दुश्मनों को ढेर किया ।
    21. तलवे चाटना (खुशामद करना) : तरक्की के लिए किसी के तलवे चाटना मेरे बस की बात नहीं है।
    22. तख्ता उलटना (प्रभाव या अधिकार नष्ट होना) : घमण्ड ज्यादा मत करो, तख्ता उलटते ज्यादा देर नहीं लगती।
    23. तीन के तेरह होना (तितर-बितर होना) : पुलिस के आते ही भीड़ तीन तेरह होने लगी।
    24. तिल को ताड़ करना (साधारण बात को बढ़ा चढ़ा कर कहना) : इस बात को यहीं खत्म करो। तिल का ताड़ बनाने की कोई जरूरत नहीं है।
    25. तारों की छाँह (बड़े सवेरे, बहुत तड़के) : ट्रेन का समय जल्दी का है। सो तारों की छाँह में ही निकलना होगा।
    26. तिनके का सहारा (थोड़ी सी सहायता) : आश्रयहीन अबला को इस समय तिनके का सहारा ही बहुत था।
    27. तिल-तिल करके (थोड़ा-थोड़ा करके) : उसने तिल-तिल करने अपना घर बनाया है।
    28. तूती बोलना (धाक् जमना, प्रभाव जमना) : आज के युग में जिसके पास पैसा है, उसी की तूती बोलती है।
    29. तैश में आना (बहुत क्रोध आना) : सिनेमा जाने का नाम सुनते ही पिताजी तैश में आ गए।
    30. तोता पालना (किसी दोष, दुर्व्यसन या रोग को जानबूझकर पालना) : मैंने तुमसे कितनी बार कहा कि शराब पीना छोड़ दो, यह तोता पालना ठीक नहीं। लेकिन तुमने मेरी एक न सुनी।
    31. थाली का बैंगन (लाभ-हानि देखकर पक्ष बदलने वाला) : भाई मैं तुम्हारा भरोसा नहीं कर सकता क्योंकि तुम थाली के बैंगन हो।
    32. थूक कर चाटना (बदल जाना) : मैं उसका विश्वास नहीं कर सकता क्योंकि उसे थूककर चाटने की आदत है।
    33. दम साधना (श्वास की गति रोकना) : शेर उठने की इच्छा न होने के कारण दम साधे पड़ा रहा।
    34. दमड़ी के तीन होना (बहुत सस्ता होना) : आजकल पढ़े-लिखे लोग दमड़ी के तीन हो रहे हैं।
    35. दलदल में फँसना (ऐसी मुसीबत में फँसना जिससे उबरना कठिन हो) : उन घूसखोरों के साथ होकर मैं भी दलदल में फँस गया हूँ।
    36. दाँत काटी रोटी (घनिष्ट मित्रता) : राजेश के साथ तो उसकी दाँत काटी रोटी है।
    37. दाँत खट्टे करना (परास्त करना) : युद्ध में भारतीयों ने दुश्मनों के दाँत खट्टे कर दिये।
    38. दुम दबाकर भागना (डरकर भाग जाना) : बंदा बैरागी का नाम सुनते ही मुसलमान दुम दबाकर भाग जाते थे।
    39. दो कौड़ी का आदमी (मामूली आदमी) : उस दो कौड़ी के आदमी की यह हिम्मत जो मेरा सामना कर सके।
    40. दो टूक उत्तर देना (कोरा जवाब देना) : आजकल के विद्यार्थी में अपने से बड़ों के प्रति सम्मान की भावना रही ही नहीं। कुछ भी पूछो दो टूक उत्तर दे देते हैं।
    41. दौड़ धूप करना (बहुत प्रयत्न करना) : बड़ी दौड़ धूप करने के बाद उसे कॉलेज में दाखिला मिल गया है।
    42. द्रष्टि फेरना (अप्रसन्न होना) : न जाने मुझसे क्या अपराध हो गया है कि उन्होंने मुझसे दृष्टि फेर ली है।
    43. धज्जियाँ उड़ाना (किसी की निन्दा करना, आलोचना या तिरस्कार करना) : आज संसद में दोनों गुटों के नेताओं ने एक-दूसरे की धज्जियाँ उड़ा दीं।
    44. धब्बा लगाना (कलंकित करना) : उसने अपने दुराचरण से अपने परिवार पर धब्बा लगा दिया |

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