अधिगम का अर्थ

Meaning of learning

अधिगम का अर्थ होता है- सीखना। यह एक जीवन-पर्यन्त चलने वाली निरन्तर प्रक्रिया है, जिसके द्वारा हम कुछ ज्ञान अर्जित करते हैं तथा अपने व्यवहार में उत्तरोत्तर परिवर्तन लाते हैं। बालकों में सीखने की प्रक्रिया औपचारिक (स्कूल) एवं अनौपचारिक (परिवार, मित्र, समाज) प्रक्रिया के अन्तर्गत पूरी होती है। इस सन्दर्भ में व्यवहारवादी मनोवैज्ञानिक थॉर्नडाइक (प्रयास एवं त्रुटि), वाटसन, पावलॉव (शास्त्रीय अनुबन्धन) तथा स्किनर तथा गैस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिक कोहलर, वर्देमीअर तथा लेविन कर्ट ने अपने-अपने सिद्धान्त दिए, जो बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के दृष्टिकोण से अपना महत्त्वपूर्ण स्थान रखते हैं।

अधिगम का अर्थ होता है-सीखना। अधिगम एक प्रक्रिया है, जो जीवन-पर्यन्त चलती रहती है एवं जिसके द्वारा हम कुछ ज्ञान अर्जित करते हैं या जिसके द्वारा हमारे व्यवहार में परिवर्तन होता है।

  •  जन्म के तुरन्त बाद से ही व्यक्ति सीखना प्रारम्भ कर देता है। अधिगम व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास में सहायक होता है। इसके द्वारा जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायता मिलती है।
  • क्रो एवं क्रो के अनुसार, सीखना आदतों, ज्ञान एवं अभिवृत्तियों का अर्जन है। इसमें कार्यों को करने के नवीन तरीके सम्मिलित हैं और इसकी शुरुआत व्यक्ति द्वारा किसी भी बाधा को दूर करने अथवा नवीन परिस्थितियों में अपने समायोजन को लेकर होती है।
  • इसके माध्यम से व्यवहार में उत्तरोत्तर परिवर्तन होते रहते हैं तथा यह व्यक्ति को अपने अभिप्राय अथवा लक्ष्य को पाने में समर्थ बनाती है।

अधिगम के माध्यम (Medium of learning)

मनोवैज्ञानिकों ने अधिगम माध्यमों को दो भागों में बाँटा है

  • औपचारिक अधिगम (कक्षा, क्षेत्र) बालक, स्कूल में अध्यापक, पाठ्यपुस्तक तथा खेल एवं अन्य विविध कार्यों में भाग लेकर सीखने की प्रक्रिया से गुजरता है यह प्रणाली सीखने की औपचारिक प्रणाली कहलाती है।
  • अनौपचारिक अधिगम (परिवार, मित्र तथा समाज) कोई भी बालक अपने परिवार के सदस्यों, मित्र समूह तथा समाज से हमेशा कुछ-न-कुछ सीखता रहता है। सीखने की यह प्रक्रिया बालक को सामाजिक समायोजन में काफी मदद करती है। बालक समाज में स्थापित नियम, रूढ़ि तथा पूर्वाग्रह ये सभी अनौपचारिक माध्यम से सीखता है।

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