कर्नाटक राज्य

कर्नाटक नाम का उद्भव करुनाडु’ से हुआ है, जिसका अर्थ है- भव्य उच्च भूमि। कर्नाटक प्रदेश की राजधानी बैंगलुरु है। इस राज्य के पूर्व में- आंध्र प्रदेश, उत्तर में महाराष्ट्र, दक्षिण में तमिलनाडु और केरल प्रदेश, पश्चिम में सिन्धु सागर है। कहवा और महुआ की उपज के लिए यह प्रदेश भारत में प्रथम स्थान रखता है। फसलों में नारियल, मूंगफली, कपास, ज्वार और तम्बाक प्रमुख हैं। यहाँ चन्दन, सागौन और बाँस के वृक्ष अधिक मात्रा में होते हैं। यहाँ की प्रमुख भाषा ‘कन्नड़’ है।

औद्योगिक एवं वैज्ञानिक दृष्टि से कर्नाटक में प्रमुख संस्थाएँ (Major institutions in Karnataka from the industrial and scientific point of view)

  • हिन्दुस्तान विमान कारखाना
  • भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड
  • इण्डियन टेलीफोन इण्डस्ट्रीज़
  • हिन्दुस्तान मशीन टूल्स
  • इण्डियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंसेज़
  • रमन रिसर्च इन्स्टीट्यूट एवं कोलार सोने की खानें

कर्नाटक के प्रमुख स्थान (Major places of Karnataka)

  • बसव-कल्याण 
  • धारवाड़
  • विजयनगर
  • शिवगङ्गा
  • शृंगेरी
  • श्रवणबेलगोल
  • मैसूर
  • वन्य प्राणी अभयारण्य

बसव-कल्याण 

राजा बिज्जल के प्रधानमंत्री बसवेश्वर की पुण्यभमि। यहाँ पर गणेश मन्दिर, त्रिरात्र सरोवर, धनलिंग, रुद्रमुनि की गुफा, सिद्धेश्वर मन्दिर

एवं सदानन्द स्वामी मठ प्रसिद्ध हैं।

धारवाड़

धारवाड़ – रोम की तरह सात टीलों पर बसा है। यहाँ पर कर्नाटक विश्वविद्यालय है।

विजयनगर

विजयनगर – रामायण काल में यह क्षेत्र किष्किन्धा कहलाता था। दर्शनीय स्थानों में विरूपाक्ष मन्दिर, माल्यवान्, ऋष्यमूक और हेमकूट पर्वत हैं। यह विजयनगर साम्राज्य की राजधानी रहा है।

शिवगङ्गा

शिवगङ्गा – यह मैसूर जिले में स्थित है। इसे दक्षिण-काशी भी कहते हैं। यहाँ ब्रह्म चण्डिकेश्वर की प्रतिमा दर्शनीय है।

शृंगेरी

शृंगेरी – तुंगा नदी के तट पर बना शृंगेरी मठ शंकराचार्य का प्रमुख पीठ रहा है। आद्य शंकराचार्य ने इसकी स्थापना की थी।

श्रवणबेलगोल

श्रवणबेलगोल – मैसूर से 72 किलोमीटर की दूरी पर प्रथम जैन-तीर्थकर श्री ऋषभनाथ जी के पुत्र गोमतेश्वर बाहुबली की 59 फुट ऊँची प्रतिमा है।

मैसूर

मैसूर – उद्यानों का सुन्दर नगर। चामुण्डी पर्वत पर मैसूर के राज-परिवार की कलदेवी ‘चामुण्डेश्वरी’ का मंदिर तथा 16 फुट आकार की एक ही पत्थर की बनी ‘नन्दी’ की मूर्ति है। यहाँ के कृष्णराज सागर बाँध और वृन्दावन उद्यान प्रसिद्ध हैं।

वन्य प्राणी अभयारण्य

वन्य प्राणी अभयारण्य – बंदीपुर, दांडेली, नागरहोले वन्य प्राणी अभ्यारण्य हैं। १. ‘जोग’ झरने, ऐहोले, पट्टदकल्लू, बादामी तथा तुंगभद्रा बाँध अन्य दर्शनीय स्थल हैं।

कर्नाटक की विभूतियाँ

  • मध्वाचार्य
  • हरिहरराय-बुक्कराय
  •  बसवेश्वर
  • सर्वज्ञ
  • भक्त पुरन्दरदास
  • मोक्ष गुंडम विश्वेश्वरैया

मध्वाचार्य

द्वैत मत के संस्थापक, जिन्होंने श्रुति और तर्क के आधार पर यह सिद्ध किया कि संसार मिथ्या नहीं है।

हरिहरराय-बुक्कराय

हरिहरराय-बुक्कराय- विद्यारण्य स्वामी की प्रेरणा और आशीर्वाद से हरिहर और बुक्कराय ने तुंगभद्रा नदी के तट पर विजयनगर साम्राज्य की स्थापना की थी।

 बसवेश्वर

 बसवेश्वर- एक कुशल राजनीतिज्ञ, समाज सुधारक और तत्त्वदर्शी।

सर्वज्ञ

सर्वज्ञ- क्रान्तिकारी कवि और समाज सुधारक

भक्त पुरन्दरदास

भक्त पुरन्दरदास- मोक्ष और उपनिषदों के सार को अपने पदों में व्यक्त करने वाले।

मोक्ष गुंडम विश्वेश्वरैया

मोक्ष गुंडम विश्वेश्वरैया- एक प्रसिद्ध अभियन्ता (इंजीनियर) एवं कुशल प्रशासक थे, इन्होंने सुप्रसिद्ध कृष्णराज सागर बाँध और मैसूर स्थित वृन्दावन उद्यान का निर्माण कराया। 

कर्नाटक के प्रमुख त्यौहार

कर्नाटक प्रदेश का प्रमुख त्यौहार दशहरा है। यह वीरता और शक्ति का प्रतीक त्योहार है। मैसूर का विजयादशमी पर्व विश्व प्रसिद्ध है। इसके साथ देवी-पूजा, और गुड़ियों के त्यौहार भी जुड़े हुए हैं।

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