लौह-पुरुष चौधरी बंसीलाल

हरियाणा के लौह पुरुष’ के नाम से प्रसिद्ध पूर्व मुख्यमंत्री चौ. बंसीलाल का जन्म 26 अगस्त, 1927 को भिवानी जिले के गोलागढ़ गाँव में हुआ था। मुख्यमंत्री के रूप में उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों के लिए उन्हें “विकास पुरुष’ की संज्ञा दी जाती है। वह बचपन से ही क्रान्तिकारी विचारों के व्यक्ति थे। 1942-43 में वह लोहारू रियासत की आजादी के लिए बने ‘लोहारू प्रजा मण्डल’ के सचिव रहे। 1958-62 के बीच चौ. बंसीलाल पंजाब प्रदेश कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य रहे। चौ. बंसीलाल-1967, 1968, 1972, 1986, 1991, 1996 तथा 2000 में कुल सात बार विधायक बने। 22 जुलाई, 1968 को उन्होंने हरियाणा के तीसरे मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

मुख्यमंत्री के रूप में अपना कार्यकाल पूरा करने वाले वह प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री थे। अपने प्रथम कार्यकाल के उपरांत चौ. बंसीलाल लगातार दुबारा चुने गए तथा 30 नवंबर, 1975 तक (7 वर्ष 6 माह) मुख्यमंत्री रहे। तत्पश्चात् वह 5 जून, 1986 से 19 जून, 1987 तक दुबारा मुख्यमंत्री रहे। 1996 में इन्होंने हरियाणा विकास पार्टी का गठन किया तथा 11 मई, 1996 को तीसरी बार हरियाणा के मुख्यमंत्री बने। वह 23 जुलाई, 1999 तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी लागू की परन्तु, दुर्भाग्य से उनका यह पावन प्रयास सफल नहीं हो पाया। चौ. बंसीलाल ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी अपनी सेवाएँ दी थी।

दिसंबर, 1975 से मार्च, 1977 तक वह देश के रक्षामंत्री रहे। इसके अलावा वह इंदिरा जी की सरकार में रेलवे तथा परिवहन मंत्री भी बने थे। मुख्यमंत्री के रूप में वह एक विकास पुरुष थे। 1970 में उनके प्रथम कार्यकाल में हरियाणा सभी गाँवों तक बिजली आपूर्ति पहुँचाने वाला देश का प्रथम राज्य बना। वे राज्य में ‘हाइवे टूरिज्म’ के अग्रदूत थे। दक्षिणी हरियाणा के क्षेत्र में उत्थापन सिंचाई परियाजनाओं तथा टपकन सिंचाई प्रणाली के माध्यम से सिंचाई की व्यवस्था करने का श्रेय उन्हें जाता है। 28 मार्च, 2006 को वह इस संसार में विदा हो गए। उनके बड़े बेटे तथा पूर्व विधायक चौं. रणबीर सिंह महेन्द्रा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष रहे हैं।

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