कुरूक्षेत्र जिले के महत्वपूर्ण स्थल

Important Places in Kurukshetra District

शेख चेहली का मकबरा

इस मकबरे को हरियाणा का ताजमहल’ भी कहा जाता है। सूफी संत अब्दुर्र रहीम अब्दुल करीम अब्दुर रज्जाक उर्फ शेख चेहली को बादशाह शाहजहाँ का शहजादा दारा शिकोह अपना आध्यात्मिक गुरु मानता था। शेख चेहली से मिलने के लिए शाहजहाँ भी थानेसर आए थे। सूफी संत शेख चेहली ईरान से चलकर भारत में हजरत कुतुब जलालुद्दीन थानश्वरा से मिलने थानेसर आए थे। शेख चिल्ली की मृत्यु थानेसर में ही हो गई। उन्हें जहाँ दफनाया गया वहीं पर शहजादे दारा शिकोह ने उनका मकबरा बनवा दिया। संगमरमर से बने इस मकबरे को हाल ही में केन्द्र सरकार के सहयोग से हरियाणा सरकार द्वारा एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया है। यह मकबरा थानेसर के दक्षिणी-पश्चिमी छोर पर स्थित है। इस मकबरे के वास्तु तथा ऐतिहासिक महत्व के कारण भारतीय पुरातत्व विभाग ने इस मकबरे को ‘राष्ट्रीय महत्व का संरक्षित स्मारक’ घोषित किया हुआ है।

सांस्कृतिक संग्रहालय ‘धरोहर’ (Cultural Museum ‘Heritage’)

यह संग्रहालय कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रांगण में स्थित है। ‘धरोहर’ की स्थापना वर्ष 2006 में कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय की स्वर्ण जंयती के अवसर पर की गई। इस संग्रहालय की स्थापना का उद्देश्य हरियाणा की प्राचीन संस्कृति और पुरातात्विक महत्व को संरक्षित रखना है। ‘धरोहर’ में कुल 23 अनुभाग हैं जिनमें हरियाणवी संस्कृति के अलग-अलग आयाम प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें हरियाणवी संस्कृति की प्राचीन घरेलू वस्तुएँ, वेशभूषा, यातायात के साधन, आभूषण, औजार, चारपाइयाँ, हक्के तथा स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में जानकारी सहेजी गई है। ‘धरोहर’ सांस्कृतिक संग्रहालय में एक पुस्तकालय तथा खले रंगमंच की भी व्यवस्था की गई है।

कुरुक्षेत्र जिले की सम्पूर्ण जानकारी के लिए यहाँ पढ़े

मगरमच्छ प्रजनन केन्द्र एवं मगरमच्छ विहार, भौर सैदां – कुरूक्षेत्र (Crocodile Breeding Center and Crocodile Vihar, Bhour Saidan – Kurukshetra)

भौर सैदां गाँव कुरूक्षेत्र के पेहवा उपमण्डल में करूक्षेत्र से 22 कि.मी. दूर कुरूक्षेत्र-पेहवा मार्ग पर स्थित है। इस गाँव के एक तालाब में अच्छी संख्या में मगरमच्छ पाए गए। फलस्वरूप 15 एकड़ 6 कनाल और 2 मरला क्षेत्र में विस्तृत इस तालाब का संरक्षण वर्ष 1982-83 में हरियाणा वन विभाग ने अपने नियंत्रण में ले लिया। इस तालाब की तारबन्दी करने के पश्चात् वन विभाग द्वारा मगरमच्छ बैंक, चेन्नई से प्राप्त चार मगरमच्छ के जो भी दस तालाब में लाकर छोड़े गए थे। वर्तमान में इस मगरमच्छ विहार में मगरमच्छ की संख्या 25 के लगभग पहँच चकी है।

कुरुक्षेत्र जिले के प्रमुख शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान के लिए यहाँ पढ़ें 

पीपली चिड़ियाघर (Peepli Zoo)

पीपली में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या -1 पर 27 एकड़ में विस्तृत इस चिड़ियाघर की स्थापना 1982 में की गई थी।

छिलछिला वन्यजीव अभयारण्य – स्योंठी आरक्षित वन्य क्षेत्र (Chhilchila Wildlife Sanctuary – Seonthi Reserved Wildlife Area)

यह वन्यजीव अभयारण्य भौर सैदां से लगभग 8 किमी की दी पर स्थित है। 28.92 हेक्टेयर में विस्तृत इस वन्य जीव अभयारण्य में प्रवासी पक्षियों की लगभग 33 प्रजातियाँ और स्थानीय पक्षियों की लगभग 22 प्रजातियां देखी गई हैं। .

राष्ट्रीय महिला हॉकी अकादमी – शाहबाद (National Women’s Hockey Academy – Shahabad)

शाहबाद ने देश को अनेकों अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाडी दिए हैं। इस कस्बे के इसी महत्व को स्वीकार करते हुए तत्कालीन हरियाणा सरकार ने वर्ष 2006 में शाहबाद में महिला हॉकी अकादमी स्थापित निर्णय लिया। एस्ट्रोटर्फ से ढंकी इस हॉकी नर्सरी में लगभग 70 महिला खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए अभ्यास करती हैं। ‘द्रोणाचार्य सम्मान’ से सम्मानित हॉकी कोच बलदेव सिंह का इस अकादमी से बड़ा गहरा संबंध रहा है। कोच बलदेव ही लगभग 30 वर्ष पूर्व इस अकादमी के संस्थापक थे। 2006 में सरकार द्वारा सहायता दिए जाने के बाद से अब इस अकादमी में खिलाडियों के लिए भोजन व संसाधनों की व्यवस्था हरियाणा सरकार द्वारा की जाती है। इस अकादमी को पिछले 15 वर्ष में 30 अन्तर्राष्टीय महिला खिलाड़ी राष्ट्र को देने का गौरव प्राप्त है जिनमें रानी रामपाल, सुखमणि विर्क तथा नवनीत कौर आदि प्रमुख हैं। वर्ष 2015 में कोच बलदेव सिंह के मुख्य कोच पद से त्यागपत्र देने के बाद श्री गुरबाज सिंह ने शाहबाद महिला हॉकी अकादमी के कोच का पद संभाला। .

कुरूक्षेत्र पैनोरमा एवं साइंस सेंटर- कुरूक्षेत्र (Kurukshetra Panorama & Science Center – Kurukshetra)

रेलवे स्टेशन से लगभग 1.5 कि.मी. दूर यह पैनोरमा सेन्टर बना हुआ है। सिलिंडर के अकार की इमारत में बने इस पैनोरमा सैन्टर के भूतल पर ‘इंडिया-ए हैरिटेज’ की पटकथा पर आधारित एक प्रदर्शनी बनाई गई है। इस प्रदर्शनी में शल्य चिकित्सा, खगोल शास्त्र, चिकित्सा शास्त्र, ज्यामिति, पदार्थ विज्ञान तथा परमाणु विज्ञान से संबंधित प्राचीन भारतीय ज्ञान को प्रदर्शित किया गया है। 34 फीट ऊँचे चित्रों की सहायता से इस पैनोरमा में महाभारत युद्ध के सभी 18 दिन की कथाओं का भी बड़ा ही सजीव चित्रण किया गया है।

ऑल इंडिया रेडियो-कुरूक्षेत्र (All India Radio-Kurukshetra)

भारत में आकाशवाणी के 419 स्टेशन हैं। उनमें से ऑल इंडिया रेडियो का एक स्टेशन कुरूक्षेत्र में स्थापित है। 101.4 मेगा हर्ट्ज (एफ.एम. बैण्ड) आवृति पर इस रेडियो स्टेशन से प्रतिदिन लगभग 15 घंटे विभिन्न कार्यक्रमों का प्रसारण होता है। इस रेडियो स्टेशन की पहुँच कुरूक्षेत्र, कैथल, अंबाला, पानीपत, यमुना नगर, और सहारनपुर (उ.प्र.) जिलों की लगभग 20 लाख जनसंख्या तक है। इस रेडियो स्टेशन से 24 जून, 1991 से कार्यक्रमों का प्रसारण आरंभ हुआ। कुरूक्षेत्र के ऑल इंडिया रेडियो स्टेशन में 1 ट्रांसमीटर तथा दो स्टूडियो हैं।

पैराकीट पर्यटन केन्द्र (Parakeet Tourist Center)

हरियाणा सरकार द्वारा संचालित यह पर्यटन केन्द्र कुरूक्षेत्र जिले के पीपली कस्बे में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-1 पर स्थित है। इस विश्रामगृह में पर्यटकों के रहने, खाने-पीने तथा मनोरंजन के लिए विभिन्न प्रकार की सुविधाएँ उपलब्ध करवाई जा

रही हैं।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *