कक्षा में सीखने को प्रभावित करने वाले कारक

Factors affecting learning in the classroom

शिक्षा मनोवैज्ञानिकों ने कुछ ऐसे कारकों का वर्णन किया है जिनसे कक्षा में होने वाले शिक्षण सीधे प्रभावित होते हैं।

प्रमुख कारकों का वर्णन निम्नांकित है।

सीखने को प्रभावित करने वाला कारक बुद्धि (Factors that influence learning)

शिक्षार्थी की बुद्धि का प्रभाव उसके शिक्षण या सीखने की प्रक्रिया पर काफी पड़ता है। कम बुद्धि के शिक्षार्थी आसान विषयों को भी देरी से सीखते हैं और जल्दी भूल जाते हैं, जबकि तेज बुद्धि के शिक्षार्थी कठिन विषयों को भी तुरन्त सीख लेते हैं और उसे जल्दी नहीं भूलते।

स्वास्थ्य, उम्र एवं लिंग भेद (Health, age and gender differences)

कक्षा में सीखने की प्रक्रिया शिक्षार्थियों के स्वास्थ्य, उम्र एवं लिंग से भी प्रभावित होती देखी गई है। शैशवावस्था में विषय को अक्सर बालक मन्दगति से सीखते हैं, बाल्यावस्था में वे वैसे ही विषय को कुछ तेजी से सीखते हैं तथा किशोरावस्था आने पर वे और भी तेजी से विषय को सीखते हैं।

सीखने को प्रभावित करने वाला कारक अवधान (Learning factor Attention)

शिक्षण पर शिक्षार्थियों के अवधान का भी प्रभाव पड़ता है। जब शिक्षार्थी कक्षा में पढ़ाए जाने वाले विषय पर अधिक ध्यान देते हैं, तो वे उसे तेजी से सीख लेते हैं। दूसरी तरफ जब वे पढ़ाए जाने वाले विषय पर ठीक से ध्यान नहीं देते, तो सीखने की प्रक्रिया मन्द हो जाती है।

सीखने को प्रभावित करने वाला कारक अभिरुचि (Factors that influence learning)

बालक के सीखने पर अभिरुचि का भी प्रभाव पड़ता देखा गया है। जब शिक्षार्थी में विषय के प्रति अभिरुचि होती है या अभिरुचि उत्पन्न कर दी जाती है, तो स्वाभाविक रूप से उसका अवधान या ध्यान उस विषय या पाठ की ओर अधिक हो जाता है। ऐसी परिस्थिति में सीखने की प्रक्रिया तेजी से हो पाती है।

सीखने को प्रभावित करने वाला कारक अभिक्षमता (Learning Factors Aptitude)

अभिक्षमता से तात्पर्य बालकों की अन्तः शक्तियों से होता है। जिस शिक्षार्थी में जिस विषय को सीखने की अभिक्षमता होती है, वह विद्यार्थी उस विषय को तुलनात्मक रूप से अधिक तीव्रता से सीख लेता है।

कक्षा में सीखने को प्रभावित करने वाला कारक परिपक्वता (Maturity Factors that Influence Learning in the Classroom)

सीखने की प्रक्रिया शिक्षार्थी के परिपक्वता पर भी निर्भर करती है। प्रत्येक प्रक्रिया को सीखने के लिए शिक्षार्थी में परिपक्वता के एक निश्चित स्तर का होना अनिवार्य है।

सीखने की विधि (Learning method)

सीखने पर इस बात का भी प्रभाव पड़ता है कि शिक्षार्थी ने सीखने की प्रभावकारी विधियों का इस्तेमाल किया है या नहीं। सीखने की विभिन्न प्रभावकारी विधियों के अभाव में भी शिक्षार्थी किसी विषय को सीख सकता है, परन्तु उसके सीखने की गति अक्सर काफी मन्द होती देखी गई है।

कक्षा की भौतिक आवश्यकताएँ (Classroom Physical Requirements)

कुछ ऐसे भी अध्ययन हुए हैं जिनसे यह पता चला है कि सीखने की प्रक्रिया पर कक्षा के भौतिक वातावरण का प्रभाव पड़ता है। कक्षा में पर्याप्त रोशनी की मात्रा, गर्मी तथा सर्दी से बचने के लिए उपयुक्त व्यवस्था, टेबल, डेस्क, कुर्सी तथा बेंच आदि का आरामदेह होना आदि पर भी सीखने की प्रक्रिया निर्भर करती है।

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