छत्तीसगढ़ राज्य

  • क्षेत्रफल – 1,35,191 वर्ग किलोमीटर
  • जिले – 27
  • राजधानी – रायपुर
  • जनसंख्या – 2,55,40,196 (सन् 2011 की जनगणना के अनुसार)
  • भाषा – हिन्दी, छत्तीसगढ़ी बोली का प्रचलन है।
  • साक्षरता – 71.04 प्रतिशत

छत्तीसगढ़ प्रदेश का निर्माण पूर्व मध्य प्रदेश के 16 जिलों को मिलाकर 1 नवम्बर, 2000 ई. को हुआ। यह राज्य जनजाति बहुल राज्य है।

छत्तीसगढ़ राज्य की अर्थव्यवस्था (Economy of Chhattisgarh)

इस राज्य के 46 प्रतिशत भाग पर वनों का आवरण है। अधिकतर वन प्रदेश पर्णपाती वनस्पति युक्त सघन वनों से आच्छादित हैं। तेन्दुपत्ता, चिरौंजी, हरड़, बहेड़ा, साल, महुआ आदि महत्त्वपूर्ण वनोत्पाद हैं। पठारी प्रदेश के कारण कृषि योग्य क्षेत्र कम है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश खनिजों की दृष्टि से बहुत धनी है। यहाँ कोयला, तांबा, चूना-पत्थर, मैंगनीज जैसे खनिज बहुतायत में हैं। हीरे की विश्व प्रसिद्ध खान रायपुर जिले के देवभोग नामक स्थान पर स्थित है। प्रमुख उद्योगों में भिलाई इस्पात कारखाना तथा कोरबा में बाल्को एल्युमीनियम का कारखाना है। जगदलपुर का अभयारण्य, राजनांदगाँव का बौद्धमठ एवं दर्शनीय धार्मिक स्थल हैं। चांपा, जसपुर तथा महासमुन्द ऐतिहासिक नगर इस राज्य की बहुमूल्य धरोहर हैं। महानदी, शिवनाथ एवं इन्द्रावती प्रमुख नदियाँ हैं।

छत्तीसगढ़ के साँस्कृतिक व पर्यटन केन्द्र (Cultural and Tourism Center of Chhattisgarh)

साँस्कृतिक व पर्यटन केन्द्र – छत्तीसगढ़ में वास्तुकला के अनेक नमूने हैं। कवर्धा के समीप भोरमदेव का मन्दिर तथा सिरपुर का प्राचीन लक्ष्मण मन्दिर पुरातत्व की दृष्टि से विश्वधरोहर मानी गयी हैं। अम्बिकापुर की प्राचीन गुफाएँ बस्तर में चित्रकोट, तीरथगढ़ का जल प्रपात तथा कुटुमसर की गुफाएँ प्रसिद्ध हैं। दंतेवाड़ा की दंतेश्वरी देवी, डोंगरगढ़ की बम्लेश्वरी देवी तथा रतनपुर की महामाया देवी प्रसिद्ध शक्तिपीठ हैं। त्रिवेणी संगम राजिम (पैरी, अरपा, महानदी), शिबरी नारायण, संत घासीदास जी की जन्मस्थली गिरौदपुरी तथा महाप्रभु वल्लभाचार्य की जन्म स्थली चम्पारण्य प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हैं, जहाँ पर प्रतिवर्ष विशाल मेले का आयोजन होता है।

अमर शहीद वीर नारायण सिंह, ठाकुर प्यारे लाल सिंह, बैरिस्टर छेदी लाल (छत्तीसगढ़ के गाँधी के रूप में प्रसिद्ध) पंडित सुन्दर लाल शर्मा तथा प्रसिद्ध क्रांतिकारी डॉ. खूबचंद बघेल प्रसिद्ध हैं। पदुमलाल पुन्नालाल बक्शी, मुकुटधर पाण्डेय, श्रीकांत वर्मा यहाँ के प्रसिद्ध साहित्यकार हैं।

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