बालकों के पिछड़ेपन के कारण

Causes of backwardness of children

पिछड़े बालकों के पिछड़ेपन के कई कारण हो सकते हैं जिनका वर्णन निम्न प्रकार से है

 शारीरिक कारण (Physical reason)

पिछड़ेपन का एक कारण बालक में शारीरिक दोषों का होना हो सकता है। इन शारीरिक दोषों के कारण वे पढ़ाई की ओर ध्यान नहीं दे पाते।

इन शारीरिक दोषों में निम्नलिखित प्रमुख हैं

  • ज्ञानेन्द्रियों में दोष
  • बोलने में दोष
  • मस्तिष्क पर चोट
  • ग्रन्थियों का दोषपूर्ण कार्य
  • कमजोर स्वास्थ्य

मानसिक कारण (Mental reasons)

वैसे कम बुद्धिलब्धि (IQ) पिछड़ेपन का कारण नहीं होती, लेकिन कई बार बहुत कम बुद्धि वाले व्यक्ति सामान्य बालकों की तुलना में बहुत पिछड़ जाते हैं। मानसिक कारणों से बुद्धि की कमी और __अभिरुचि की कमी हो जाती है। बर्ट (Burt) के अनुसार कम बुद्धि ही पिछड़ेपन का एकमात्र कारण हो सकती है। व्यावहारिक रूप से भी यही बात अधिक उचित लगती है।

 वातावरण सम्बन्धी कारण (Environmental reasons)

पिछड़ेपन के लिए वातावरण का योगदान भी किसी से कम नहीं रहता। बालक के समायोजन में वातावरण ही अधिक महत्त्वपूर्ण होता है। निम्नलिखित प्रकार का वातावरण पिछड़ेपन के लिए उत्तरदायी होता है

पारिवारिक वातावरण (Family environment)

शैक्षिक रूप से विकसित परिवार के बालकों में पिछड़ेपन की स्थिति उत्पन्न नहीं होती है, क्योंकि घर के सभी सदस्य बालकों की समस्याओं एवं आवश्यकताओं को बेहतर तरीके से समझते हैं। यदि बालकों की आवश्यकताओं एवं उनकी रुचियों का पूर्ण रूप से ध्यान रखा जाए तो पिछड़ेपन की समस्या को कम किया जा सकता। पारिवारिक आर्थिक स्थिति, माता-पिता का निरक्षर होना तथा मूलभूत सुविधाओं का अभाव इत्यादि बालकों के पिछड़ेपन का मुख्य कारण होता है।

स्कूल का वातावरण (School environment)

स्कूल की परिस्थितियाँ बालक के पिछड़ेपन को बढ़ा सकती हैं।

स्कूल में दोषपूर्ण परिस्थितियों का निर्माण निम्नलिखित कारणों से होता है।

  • स्कूल में दोषपूर्ण पाठ्यक्रम और शिक्षण विधियों का प्रयोग।
  • शिक्षकों का विद्यार्थियों के प्रति पक्षपातपूर्ण रवैया।
  • शिक्षकों और विद्यार्थियों के सम्बन्धों में तनाव।
  • स्कूलों में अनुशासनहीनता।
  • विद्यार्थियों को स्कूल की गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरणा में कमी।
  • स्कूलों में सहगामी क्रियाओं का अभाव।
  • विद्यार्थियों के प्रति शिक्षकों की लापरवाही का प्रदर्शन।
  • अयोग्य शिक्षकों की नियुक्ति।
  • शैक्षणिक निर्देशन की कमी।
  • स्कूल में अनुपस्थित रहना।

पिछड़ेपन के अन्य कारण (Other reasons for backwardness)

बालकों के पिछड़ेपन के लिए अन्य बहुत से कारण हैं जो अपना प्रभाव प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बालकों पर डालते हैं; जैसे-आस-पड़ोस, मित्र-मण्डली, रेडियो, सिनेमा, टेलीविजन समाचार-पत्र, क्लब, धार्मिक संस्थाएँ, पत्र-पत्रिकाएँ आदि। साधारणतया इनका प्रभाव उचित पड़ता है, लेकिन कई बार यही संस्थाएँ बालकों को सही रास्ते से भटका देती हैं।

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