बी.एस. ब्लूम का शैक्षणिक उद्देश्यों का वर्गीकरण

BS Bloom Classification of Educational Objectives

शैक्षिक उद्देश्यों का लक्ष्य विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना है। अध्यापक इन लक्ष्यों को तब तक प्राप्त नहीं कर सकता है, जब तक कि वह उद्देश्यों का व्यावहारिक रूप से विश्लेषण नहीं कर लेता है। अध्यापकों को यह जानना चाहिए कि उद्देश्यों की क्या विशेषताएँ हैं?

सामान्यत: उद्देश्यों की तीन विशेषताएँ बताई गई हैं।

  • किसी अन्तिम लक्ष्य के लिए की जाने वाली क्रिया को यह दिशा प्रदान करते हैं।
  • किसी क्रिया द्वारा नियोजित परिवर्तन लाया जाता है।
  • इनकी सहायता से क्रियाओं की व्यवस्था की जाती है।

 बी.एस. ब्लूम का शैक्षणिक उद्देश्यों का वर्गीकरण (BS Bloom Classification of Educational Objectives)

  • ‘टेक्सोनोमी’ से हमारा अभिप्राय ऐसी प्रणाली से है, जिसका वर्गीकरण किया जा सकता है. यद्यपि विभिन्न शिक्षाविदों एवं विद्वानों ने शैक्षिक उद्देश्यों का अलग-अलग वर्गीकरण किया है, परन्तु सबसे प्रभावशाली एवं सर्वमान्य वर्गीकरण बेंजामिन एस. ब्लूम एवं उनके सहयोगी क्रथवाल, मारिया सिंपसन एवं हेरो द्वारा किया गया।
  • शैक्षिक उद्देश्यों के सन्दर्भ में अमेरिकी मनोवैज्ञानिक बी.एस.ब्लूम का मानना है कि “शैक्षिक उद्देश्यों की सहायता से केवल पाठ्यक्रम की रचना एवं अनुदेशन के लिए निर्देशन ही नहीं दिया जाता, अपितु ये मूल्यांकन की प्रविधियों के विशिष्टीकरण में भी सहायक होते हैं।”

बी.एस.ब्लूम (B S Bloom) ने शैक्षिक उद्देश्यों का वर्गीकरण तीन भागों में किया है।

  • ज्ञानात्मक/संज्ञानात्मक संकल्पना (Cognitive Domain)
  • भावात्मक संकल्पना (Affective Domain)
  • क्रियात्मक/गत्यात्मक संकल्पना (Psychomotor / Conative Domain)

ज्ञानात्मक पक्ष का वर्गीकरण ब्लूम ने सन् 1956 में भावनात्मक पक्ष का वर्गीकरण ब्लूम क्रथवाल एवं मारिया ने सन् 1965 में तथा क्रियात्मक पक्ष का वर्गीकरण सिंपसन (1966) तथा हैरो. (Harrow) (1972) ने प्रस्तुत किया।

ज्ञानात्मक संकल्पना (Cognitive concept)

इस संकल्पना का उद्देश्य ज्ञान को अर्जित करना है। ब्लूम ने अपनी पुस्तक (Taxonomy of Educational Objective) में इस संकल्पना को छ: भागों में विभाजित किया है। यह संकल्पना सरल से जटिल तथा मूर्त से अमूर्त संकल्पना पर आधारित है। इसे मानसिक प्रक्रिया की जटिलता तथा पदानुक्रमिकता के अनुसार विकसित किया गया है।

  •        वास्तविक पद्धति                                   पुनर्संशोधित पद्धति
  • ज्ञान (Knowledge)                याद करना                          Remembering
  • बोध (Comprehension)          समझना                            Understanding
  • प्रयोग (Application)              प्रयोग करना                         Applying
  • विश्लेषण (Analysis)           विश्लेषण करना                      Analysing
  • संश्लेषण (Synthesis)           निर्माण करना                       Creating
  • मूल्यांकन (Evaluation)        मूल्यांकन करना                     Valuating

भावनात्मक संकल्पना (Emotional concept)

(ब्लूम, क्रथवाल एवं मारिया)

इसके अन्तर्गत भावों एवं संवेगों का अध्ययन किया जाता है।

ब्लूम ने भावनात्मक पक्ष को पाँच भागों में बाँटा है

  • आग्रहण या ध्यान देना(Receiving & Attention)
  • अनुक्रिया या प्रतिक्रिया (Response)
  • आकलन (Value)
  • संगठन या व्यवस्थापन (Organisation)
  • मूल्य प्रणाली का चरित्रकरण(Characterisation of Value System)

क्रियात्मक/मनोगत्यात्मक पक्ष (Functional aspect)

इसका सम्बन्ध शारीरिक एवं क्रियात्मक कौशलों से है। ब्लूम तथा क्रथवाल की परिपाटी पर सिंपसन (1966) किंवलर (1970) तथा हैरो (1972) ने इस पक्ष के उद्देश्यों का व्यवस्थित ढंग से वर्गीकरण करने का प्रयास किया था।

यह वर्गीकरण विभिन्न पेशीय क्रियाओं के मध्य सामंजस्य पर आधारित है  ब्लूम व उसके सहयोगियों ने इसे पाँच भागों में बाँटा है

  • प्रत्यक्षीकरण (Perception)
  • व्यवस्था (Set)
  • निर्देशात्मक अनुक्रिया (Guided Response)
  • कार्य प्रणाली (Working-System)
  • जटिल प्रयत्न अनुक्रिया (Complex Overt Response)

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