हड़प्पा सभ्यता की राजनैतिक स्थिति

हड़प्पा संस्कृति की व्यापकता एवं विकास को देखने से ऐसा लगता है कि यह सभ्यता किसी केन्द्रीय शक्ति से संचालित होती थी। वैसे यह प्रश्न अभी विवाद का विषय बना हुआ है, फिर भी चूँकि हड़प्पावासी वाणिज्य की ओर अधिक आकर्षित थे, इसलिए ऐसा माना जाता है कि सम्भवतः हड़प्पा सभ्यता का शासन वणिक वर्ग के हाथ में ही था। ह्वीलर ने सिंधु प्रदेश के लोगों के शासन को ‘मध्यम वर्गीय जनतन्त्रात्मक शासन कहा और उसमें धर्म की महत्ता को स्वीकार किया।’ स्टुअर्ट पिग्गॉट महोदय ने कहा कि ‘सिंधु प्रदेश के शासन पर पुरोहित वर्ग का प्रभाव था।’ हंटर के अनुसार ‘मोहनजोदड़ो का शासन राजतन्त्रात्मक न होकर जनतंत्रात्मक था।’ मैके के अनसार ‘मोहनजोदडो का शासन एक प्रतिनिधि शासक के हाथो में था।’

विभिन्न क्षेत्रों से आयात किये गये कच्चा माल 

कच्चा मालक्षेत्र
टिनअफगानिस्तान, ईरान
तांबाखेतड़ी (राजस्थान), बलूचिस्तान
चांदीईरान, अफगानिस्तान
सोनाअफगानिस्तान, फारस, दक्षिणी भारत
लाजवर्दमेसोपोटामिया
मेलखड़ीबलूचिस्तान, राजस्थान, गुजरात
नीलरत्नवदख्शां
नीलमणिमहाराष्ट्र
हरितमणिदक्षिण एशिया
शंख तथा कौड़ियाँसौराष्ट्र, दक्षिणी भारत
सीसाईरान, अफगानिस्तान, राजस्थान
शिलाजीतहिमालय क्षेत्र

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