संज्ञानात्मक/सामाजिक अधिगम सिद्धान्त

Cognitive / social learning theory संज्ञान शब्द की व्युत्पत्ति संज्ञ धातु से हुई है जिसका अर्थ है जानना अथवा अवबोधन करना। संज्ञानात्मक सिद्धान्त के अन्तर्गत इस बात की विवेचना की जाती है कि व्यक्तियों में स्वयं के प्रति तथा अपने वातावरण के प्रति विवेक किस प्रकार विकसित होता है और वे अपने वातावरण के परिप्रेक्ष्य में कैसे कार्य करते हैं? Read more

ज्ञानात्मक व क्षेत्र संगठनात्मक सिद्धान्त

Cognitive and field organizational theory अधिगम का यह सिद्धान्त सीखने की प्रक्रिया में उद्देश्य, अन्तर्दृष्टि और सूझ-बूझ के महत्त्व को प्रदर्शित करता है। इस प्रकार के सिद्धान्तों के अन्तर्गत वर्देमीअर, कोह्लर एवं लेविन के अधिगम सिद्धान्त आते हैं। कोह्लर का अन्तर्दृष्टि का सिद्धान्त (Kohler’s theory of insight) अन्तर्दृष्टि (Insight) अर्थात् सूझ-बूझ के द्वारा सीखने का सिद्धान्त गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिकों की देन Read more

 व्यवहारवादी साहचर्य सिद्धान्त

Behavioral associative theory विभिन्न उद्दीपनों (Stimulas) के प्रति सीखने वाले की विशेष अनुक्रियाएँ होती हैं। इन उद्दीपनों तथा अनुक्रियाओं के साहचर्य से उसके व्यवहार में जो परिवर्तन आते हैं उनकी व्याख्या करना ही इस सिद्धान्त का उद्देश्य होता है। इस प्रकार के सिद्धान्तों के अन्तर्गत थॉर्नडाइक, वाटसन और कालॉव तथा स्किनर के अधिगम सिद्धान्त आते हैं। थॉर्नडाइक का प्रयास एवं Read more

अधिगम का अर्थ

Meaning of learning अधिगम का अर्थ होता है- सीखना। यह एक जीवन-पर्यन्त चलने वाली निरन्तर प्रक्रिया है, जिसके द्वारा हम कुछ ज्ञान अर्जित करते हैं तथा अपने व्यवहार में उत्तरोत्तर परिवर्तन लाते हैं। बालकों में सीखने की प्रक्रिया औपचारिक (स्कूल) एवं अनौपचारिक (परिवार, मित्र, समाज) प्रक्रिया के अन्तर्गत पूरी होती है। इस सन्दर्भ में व्यवहारवादी मनोवैज्ञानिक थॉर्नडाइक (प्रयास एवं त्रुटि), Read more

विकास की अवधारणा

Concept of development शिक्षाशास्त्र के दृष्टिकोण से विकास की अवधारणा एवं अधिगम दोनों एक-दूसरे से सम्बन्धित हैं। इसके अन्तर्गत बालकों की विभिन्न अवस्थाओं: जैसे- प्रसवपूर्व अवस्था, शैशव अवस्था, बाल्यावस्था, किशोरावस्था, युवावस्था, प्रौढावस्था इत्यादि के बारे में बताया गया है। बालकों में होने वाली वृद्धि एवं विकास इस अध्याय के लिए अत्यधिक महत्त्वपूर्ण हैं। विकास की अवधारणा के अन्तर्गत बालकों का Read more

शिक्षण सहायक सामग्री

Teaching aids अध्यापन-अधिगम की प्रक्रिया को सरल, प्रभावकारी एवं रुचिकर बनाने वाले उपकरणों को शिक्षण सहायक सामग्री कहा जाता है। इन्द्रियों के प्रयोग के आधार पर शिक्षण सहायक सामग्री को मोटे तौर पर तीन भागों में विभाजित किया जा सकता है श्रव्य सामग्री  दृश्य सामग्री एवं दृश्य-श्रव्य सामग्री। | दृश्य सहायक सामग्री (Visual aids) दृश्य सहायक सामग्री का तात्पर्य उन Read more

शिक्षण विधि की विभिन्न तकनीक

Different teaching techniques किण्डर गार्टन प्रणाली (Kinder garten system) किण्डर गार्टन प्रणाली के जन्मदाता जर्मन मनोवैज्ञानिक फ्रोबेल हैं। इसके अनुसार, विद्यालय बालकों का बगीचा है, जिसमें बालक स्वच्छन्दता के परिवेश में खेल सकें। इस प्रणाली के तहत बच्चों को खेल के माध्यम से सिखाया जाता है। इस प्रणाली के कई लाभ हैं; जैसे-शिशु शिक्षा पर बल, खेल द्वारा शिक्षा, बालकों Read more

शिक्षण विधियों के प्रकार

Types of teaching methods शिक्षक, शिक्षण विधियों के उपयोग से छात्रों में अपेक्षित व्यवहार परिवर्तन लाता है और छात्र शिक्षकों की सहायता से | सीखने के अनुभव प्राप्त करते हैं, परन्तु अनेक शिक्षण विधियों | को छात्रों की समस्त क्षमताओं के विकास के लिए प्रयुक्त नहीं किया जा सकता।  शिक्षक एवं छात्रों की भूमिका के आधार पर शिक्षण विधियों को Read more

बच्चों की शिक्षण की रणनीतियाँ

Children teaching strategies शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के सिद्धान्तों का अध्ययन करने पर यह पता चलता है कि छात्रों को किसी विषय-वस्तु के विषय में कैसे सिखाया जाए। शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में छात्रों की उपस्थिति होना सर्वाधिक उपयुक्त माना जाता है। अत: इन्हीं बिन्दुओं को ध्यान में रखते हुए शिक्षण अधिगम की प्रक्रिया को समझा जा सकता है, जो छात्रों एवं शिक्षकों Read more

शिक्षण प्रक्रिया के सिद्धान्त

Principles of teaching process शिक्षण प्रक्रिया के सिद्धान्त के सन्दर्भ में विभिन्न मनोवैज्ञानिकों एवं शिक्षाविदों द्वारा कुछ सिद्धान्त दिए गए हैं, जो इस प्रकार हैं निश्चित उद्देश्य का सिद्धान्त (Principle of definite purpose) अध्यापन का कार्य करने से पूर्व शिक्षकों को पढ़ाने का उद्देश्य निर्धारित करना चाहिए। शिक्षण अधिगम प्रक्रिया के सन्दर्भ में प्रत्येक विषय–वस्तु का अपना एक महत्त्व होता Read more